+100 Best Sad Shayari in Hindi | सैड शायरी हिंदी

सैड शायरी हिंदी (Sad Shayari in Hindi) :

जैसा कि कभी ना कभी हम किसी भी कारण कोई ना कोई वजह से अपने नजदीकी दिल से सबसे ज्यादा करीब लोगो से दुःखी हो जाते है और अपना दुख व्यक्त करना चाहते हैं। इन दिल के बोझ से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका है दुखद कविता, सैड शायरी, और सैड एसएमएस (Sad Sms) को पढ़कर अपना मन हलका कर सकते हैं।

इसलिए सामाजिक नेटवर्क पर अपनी मन की व्यथा को व्यक्त करने के लिए सैड शायरी हिंदी (Sad Shayari in Hindi) से अच्छा कोई विकल्प नहीं है। यहाँ हम इस साईट पर हिंदी में सैड शायरी (Sad Shayari in Hindi, सैड शायरी हिंदी 2 line, इमोशनल शायरी हिंदी, सैड शायरी 2021, Sharechat Sad Shayari) का एक बड़ा संग्रह ले आ गए हैं आप अपनी मनोदशा के अनुसार सभी प्रकार की शायरी चुन सकते हैं और जहाँ पर आप आपने दोस्तो चाहें जितना शेयर कर सकते हैं।

Sad Shayari in Hindi | सैड शायरी हिंदी

 

Sad Shayari in Hindi | सैड शायरी हिंदी :

हम अगर खो गये तो कभी न पा सकोगे,
हम वहाँ चले जायेंगे जहाँ कभी नही आ सकोगे,
जिस दिन मेरी मोहब्बत का एहसास हो गया तुम्हे,
पछताओगे बहुत क्योंकि,
हम वहाँ चले जायेंगे जहाँ से फिर न बुला सकोगे।

उसे हमने बहुत चाहा था पर प न सके,
उसके सिवा ख्यालो में किसी और को ला न सके,
आँखों के आँसू तो सूख गये उन्हें देख कर,

लेकिन किसी और को देख कर मुस्कुरा न सके।


जब तक दर्द न हो किसी के आंसू आया नही करते,
बिना वजह किसी का दिल दुखाया नही करते,
ये बात सुन लो कान खोल कर,

किसी के सपने तोड़ कर अपने सपने सजाया नही करते।


सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,

तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।


चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे,
हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है,
अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में,

लेकिन हमतो खुद को आंसुओ में भिगोये बैठे है।


हमारी चाहत ने उस वेबफा को ख़ुशी देदी,
और उस वेबफा ने बदले में ख़ामोशी देदी,
मांगी तो उस रब से दुआ मरने की थी,

लेकिन उसने भी हमे तड़पने के लिए जिंदगी देदी।


जरूरी नही जीने के लिए सहारा हो,
जरूरी नही जिसे हम अपना माने वो हमारा हो,
कई कस्तियां बीच भबर में डूब जाया करती हैं,

जरूरी नही हर कस्ती को किनारा हो।


जो पल बीत गये वो बापस आ नही सकते,
सूखे फूलो को बापस खिला नही सकते,
कभी ऐसा लगता है वो हमे भूल गये होंगे,

पर ये दिल कहता है वो हमे कभी भुला नही सकते।


हम दुआएं करेंगे उनपर एतवार रखना,
न कोई हमसे कभी सवाल रखना,
अगर दिल में चाहत हो हमे खुश देखने की,

बस हमेशा मुश्कुराना और अपना ख्याल रखना।


कभी किसी को इतना सताया न करो,
अपने लिए कभी किसी को तड़पाया न करो,
जिनकी साँसे ही वो आपके लव्ज़ हो,

उन लफ़्ज़ों के लिए कभी किसी को तरसाया न करो।


हमे तो सिर्फ जिंदगी से एक ही गिला है,
क्यों हमे खुशियां न मिल सकी क्यों ये गम मिला है,
हमने तो उनसे इश्क-ए-वफ़ा की थी,

क्यों वफ़ा करने के बाद वेबफाई ही सिला है।


दिन हुआ है, तो रात भी होगी,
मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी।
वो प्यार है ही इतना प्यारा,

ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी।


वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई,
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,

कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।


मुझे जिसने जिंदगी दी, वो मरता छोड़ गये,
जिससे मोहब्बत की वो मुझे तन्हा छोड़ गये,
थी हमे भी एक हमसफ़र साथ चलने को जरूरत,

जो साथ चलने बाले थे वही रास्ता मोड़ गये।


प्यार मोहब्बत तो सब करते है,
इसको खोने से भी सब डरते है,
हम तो न प्यार करते है न मोहब्बत करते है,

हमतो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने को तरसते है।


हम आँखों से रोये और होठो से मुस्कुरा बैठे,
हमतो बस यूँ ही उनसे इश्क-ए-वफ़ा निभा बैठे,
वो हमे अपनी मोहब्बत का एक लम्हा भी न दे सके,

और हम उन पर यूही हर लम्हा लूट बैठे।


प्यार हर किसी को जीना सिखा देता है,
वफ़ा के नाम पर मरना सिखा देता है,
प्यार नही किया तो करके देखो,

ये हर दर्द सहना सिखा देता है।


हम जानते है आप जीते हो जमाने के लिए,
एक बार तो जीके देखो सिर्फ हमारे लिए,
इस नाचीज़ की दिल क्या चीज़ है,

हम तो जान भी देदेंगे आप को पाने के लिए।


कोई मिला ही नही हमे कभी हमारा बन कर,
वो मिला भी तो हमे सिर्फ किनारा बनकर,
हर ख्वाब बन कर टुटा है यहां,

अब बस इंतज़ार ही मिला है एक सहारा बन कर।


अब तो वफ़ा करने से मुकर जाता है दिल,
अब तो इश्क के नाम से डर जाता है दिल,
अब किसी दिलासे की जरूरत नही है,

क्योंकि अब हर दिलासे से भर गया है दिल।


होले होले कोई याद आया करता है,
कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है,
उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं,

जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है।


अब तेरे बिना जिंदगी गुजारना मुमकिन नही है,
अब और किसी को इस दिल में बसाना आसान नही है,
हम तो तेरे पास कब के चले आये होते सब कुछ छोड़ कर,

लेकिन तूने कभी हमे दिल से पुकारा ही नही है।


हम तो ख्वाबो की दुनिया में बस खोते गये,
होश तो था फिर भी मदहोश होते गये,
उस अजनबी चेहरे में क्या जादू था,

न जाने क्यों हम उसके होते गये।


मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था,
एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था,
एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी,

और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था।


अब मोहब्बत नही रही इस जमाने में,

क्योंकि लोग अब मोहब्बत नही मज़ाक किया करते है इस जमाने में।


वफ़ा का दरिया कभी रुकता नही,
मोहब्बत में प्रेमी कभी झुकता नही,
किसी की खुशियों के खातिर चुप है,

पर तू ये न समझना की मुझे दुःखता नही।


हर पल साथ देने का वादा करते हैं तुझसे,
क्यों अपनापन इतना ज्यादा है तुझसे,
कभी ये मत सोचना भूल जायेंगे तुझे हम,

हर पल साथ निभाने का वादा है तुझसे।


तेरा यूँ मेरे सपनो में आना ये तेरा कसूर था,
और तुझ से दिल लगाना ये मेरा कसूर था,
कोई आया था पल दो पल को जिंदगी में,

और सर अपना समझ लेना वो मेरा कसूर था।


आज तेरी याद को सीने से लगा कर हम रोये,
हम तुझे तन्हाई में पास बुलाकर रोये,
पाना तो बहुत चाहा था हर बार तुझे,

पर हर बार तुझे न पाकर हम रोये।


वो नही आती पर अपनी निशानी भेज देती है,
ख्वाबो में दास्ताँ पुरानी भेज देती है,
उसकी यादों के पल कितने भी मीठे हैं,

मगर कभी कभी आँखों में पानी भेज देती है।


इन आँखों में कभी हमारे आंसू आये न होते,
अगर वो पीछे मुड़ कर मुस्कुराये न होते,
उनके जाने के बाद यही गम रहेगा,

के काश वो हमारी जिंदगी में आये न होते।


अब तो हमे उदास रहना भी अच्छा लगता है,
किसी के पास न होना भी अच्छा लगता है,
अब मैं दूर हूँ तो मुझे कोई फर्क नही पड़ता,

क्योंकि मुझे किसी की यादो में आना भी अच्छा लगता है।


किसी से प्यार करना आसान नही होता है,
किसी को पा लेना ही प्यार का नाम नही होता है,
 किसी के इंतज़ार में मुद्दते बीत जाती है,

क्योंकि ये पल दो पल का काम नही होता है।


अगर कोई खता हो गई हो तो सजा बता दो,
क्यों है इतना दर्द बस इसकी वजह बता दो,
भले ही देर हो गई हो तुम्हे याद करने में,

लेकिन तुम्हे भूल जायेंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो।


मुझे दिल से यूँ पुकारा न करो,
यूँ आँखों से हमे इशारा न करो,
दूर हूँ तुझसे मजबूरी है मेरी,

यूँ तन्हाइयों में मुझे तड़पाया न करो।


अब छोड़ो वफाओ के किस्से ये तो न जाने कितनो का रोना है,

पहले कोन था साथ हमारे और अब कोन अपना होना है।


तुझे दर्द देने का शौक था बहुत,

हमे भी दर्द सहने का शौक था बहुत।


ये तेरी चाहत मुझे किस मोड़ पर ले आई,
इस दिल में गम है,और दुनिया में रुसबाई,
अब तो कटता है हर पल सदियों के बराबर,

अब तो लगता है के मार ही डालेगी तेरी ये जुदाई।


खुदा कभी किसी पे फ़िदा न करे,

अगर करे भी तो कभी कयामत तक जुदा न करे।


कोई मरता नही जाता इश्क-ए-जुदाई में,

लेकिन जी भी तो नही पाता है जिंदगी की तन्हाई में।


यादों में तेरी आहे भरता है कोई,
हर साँस के साथ तुझे याद करता है कोई,
मरना तो सभी को है वो एक हकीकत है,

लेकिन तेरी यादों में हर दिन मरता है कोई।


हर घड़ी इस जिंदगी को आज़माया है हमने,
इस जिंदगी में सिर्फ गम पाया है हमने,
जिस ने हमारी कभी कदर ही न जानी,

उस वेबफा को इस दिल में बसाया है हमने।


दो पल को ही सही पर मेरी तन्हाइयो में खो जाओ,

मैं तेरा और तुम मेरी दो पल के लिए हो जाओ।


मेरे दिल को तोड़ कर वो किसी और की बाहों में सो गया

कितनी आसान से वेबफाई का नाम मजबूरी हो गया।


दुआ करना दम भी उसी तरह निकले,

जिस तरह तेरे दिल से हम निकले।


कितना दर्द है इस दिल में लेकिन हमे एहसास नही है,
कोई था बहुत खास पर वो पास नही है,
हमे उनके इश्क ने बर्बाद कर दिया,

और वो कहते है की ये कोई प्यार नही है।


जब कोई ख्याल इस दिल से टकराता है,
तो दिल न चाहते हुए भी खामोश हो जाता है,
कोई सब कुछ कह कर भी कुछ नही कह पाता है,

और कोई बिना कुछ कह भी सब कुछ कह जाता है।


इस इश्क की किताब से,
बस दो ही सबक याद हुए,
कुछ तुम जैसे आबाद हुए,

कुछ हम जैसे बर्बाद हुए।


हम खुश हैं कम से कम कोई हमारी बात तो करता है,

वो बुरा कहता है तो क्या, कम से कम कोई याद तो करता है।


जरा ख्याल की जिए मर न जाऊँ कहीँ,

बहुत जहरीली है तेरी ख़ामोशी मैं पी न जाऊँ कहीँ।


हमे इतना वक्त ही कहाँ की हम मौसम सुहाना देखे,

जब तेरी याद से निकले तभी तो मौसम सुहाना देखे।


न जाने वो कोन है जो बिन बुलाये आता है,

मेरे ख्याल से तेरा ख्याल ही होगा जो मुझे सताता है।


हम तो आपसे पलके बिछा कर प्यार करते हैं,
ये वो गुनहा है जो हम बार बार करते हैं,
दिल में ख्वाइशों के कई चिराग जलाकर,

हम सुबहो शाम तेरे मिलने का इंतज़ार करते हैं।


जब कोई आपसे मजबूरी में जुदा होता है,
जरूरी नही वो इंसान वेबफा होता है,
जब कोई देता आपको जुदाई के आँसू,

तन्हाइयों में वो आपसे ज्यादा रोता है।


क्यों अनजाने में हम अपना दिल गवां बैठे,
क्यों प्यार में हम धोखा खा बैठे,
उनसे हम अब क्या शिकवा करे क्योंकि गलती हमारी ही थी,

क्यों हम वेदिल इंसान से दिल लगा बैठे।


ऐसा नही है मेरे दिल में तेरी तस्वीर नही है,

पर शायद मेरे हाथो में ही तेरे नाम की लकीर नही है।


ये न कह मोहब्बत मिलना किस्मत की बात है,

क्योंकि मेरी बर्बादी में तेरा भी हाथ है।


इस दिल में आग सी लग गई जब वो खफा हुए,
फर्क तो तब पड़ा जब वो जुदा हुए,
हमे वो वफ़ा करके तो कुछ दे न सके,

लेकिन दे गये वो बहुत कुछ जब वो वेबफा हुए।


गम कितना है हम आपको दिखा नही सकते है,
ज़ख्म कितने गहरे है ये आपको दिखा नही सकते है,
जरा हमारे इन आंसुओ को तो देख लो,

ये आंसू गिरे है कितने ये हम आपको गिना नही सकते है।


अब तो हम दर्द से खेलना सीख गये है,
अब तो हम वेबफाई के साथ जीना सीख गये है,
क्या बताये यारो की कितना दिल टूटा है हमारा,

अब तो हम मौत से पहले कफ़न ओढ़ कर सोना सीख गये है।


ये वक्त बदला और बदली ये कहानी है,
अब तो बस मेरे पास उनकी यादें पुरानी है,
न लगाओ मेरे ज़ख्मो पे मरहम,

क्योंकि मेरे पास बस उनकी यही बची हुई निशानी है।


वो करते है मोहब्बत की बात,
लेकिन मोहब्बत के दर्द का उन्हें एहसास नही,
मोहब्बत तो वो चाँद है जो दिखता तो है सबको,

लेकिन उसको पाना सबके बस की बात नही।


वक्त के बदल जाने से इतनी तकलीफ नही होती है,

जितनी किसी अपने के बदल जाने से तकलीफ होती है।


हर बात में आँसू बहाया नही करते,
हर बात दिल की हर किसी से कहा नही करते,
ये नमक का शहर है,

इसलिए ज़ख्म यहाँ हर किसी को दिखाया नही करते।


न जाने वो कोन है जो बिन बुलाये आता है,

मेरे ख्याल से तेरा ख्याल ही होगा जो मुझे सताता है।


झूठ कहूँ तो बहुत कुछ है मेरे पास,

सच कहूँ तो कुछ नही सिवा तेरे मेरे पास।


हमको दीवाना कर दिया एक नजर देख कर,

हम कुछ भी न कर सके बार बार देख कर।


उस वेबफा को अपना समझा जिसे हमने इतना प्यार किया,

उसने किया हमसे सिर्फ धोखा हमने फिर भी एतवार किया।


चुप रह कर भी कह दिया सब कुछ ये मेरा सलीका था,

और तुम सुनकर भी समझ नही पाए ये उनका प्यार था।


तुम हमे क्यों इतना दर्द देते हो,
जब जी में आये तब रुला देते हो,
लफ़्ज़ों में तीखा पन और नजरो में बेरुखी,

ये कैसा इश्क है जो तुम हमसे करते हो।


बीच सफर में तुम हमसे अलविदा कह गये,
पहले अपना बनाया फिर पराया कर गये,
जब जिंदगी की जरूरत सी बन गये,

तभी वो हमसे किनारा कर गये।


छोड़ने से पहले कहते तो आप,
दर्दे दिल एक बार हमे सुनाते तो आप,
ऐसी क्या मजबूरी थी आपकी,

जो हमे जिंदगी के सफर में छोड़ गये आप।


किसी की चाहत पर हमे अब एतवार न रहा,
अब किसी भी ख़ुशी का हमे एहसास न रहा,
इन आँखों ने सपनो को टूटते देखा है,

इसलिए अब जिंदगी में किसी का इंतज़ार न रहा।


तू क्या जाने की क्या है तन्हाई,
टूटे हर पत्ते से पूंछो की क्या है जुदाई,
हमको तू कभी वे वेबफाई का इलज़ाम न देना,

तू उस वक्त से पूछ की मुझे तेरी याद कब नही आई।


उनके इश्क की पहचान अभी बाकी है,
नाम उसका लवो पर है और मुझ में जान बाकी है,
वो हमे देख कर मुँह फेर लेते है तो क्या हुआ,

कम से कम उनके चेहरे की पहचान तो बाकि है।


कभी दूर तो कभी पास थे वो,
न जाने किस किस के करीब थे वो,
हमे तो उन पर खुद से भी ज्यादा भरोसा था,

लेकिन ठीक ही कहता था ये जमाना, वेबफा थे वो।


हमने तो देखा है खुद को कई बार आजमा कर,
अक्सर लोग धोखा देते है करीब आकर,
इस जमाने ने समझाया था लेकिन दिल नही माना,

छोड़ जाओगे एक दिन हमे अपना बना कर।


कुछ पता नही ये दिल सुधर गया,

या किसी की मोहब्बत में उजड़ गया।


माफ़ करना मुझे तुम्हारा प्यार नही चाहिये,

मुझे मेरा हँसता खेलता दिल बापस कर दो।


दिल तोड़ने बाले का कुछ नही जाता है, लेकिन

जिसका दिल टूटता है उसका सब कुछ चला जाता है।


तू याद आता है बहुत इसलिए तेरी याद में खो लेते है,
तेरी याद जब आती है तो आंसुओ से रो लेते है,
नींद तो अब हमे आती नही,

तू हमारे सपनो में आयेगा ये सोच कर सो लेते है।


तुझे मोहब्बत करना नही आता,
और मुझे मोहब्बत के सिवा कुछ नही आता,
जिंदगी जीने के दो ही तरीकें है,

एक तुझे नही आता, और दूसरा मुझे नही आता।


गम इस बात का नही की तू बेबफ़ा निकली,
बस अफ़सोस तो इस बात का है,

वो सब सच्चे निकले जिससे तेरे लिये मैं लड़ता था।


मैंने खुदा से पूछा वो क्यों छोड़ गया मुझे,
उसकी क्या मजबूरी थी,
खुदा ने कहा न कसूर तेरा था न गलती उसकी थी,

मैंने ये कहानी लिखी ही अधूरी थी।


तुम्हारे चाँद से चहरे पर गम अच्छे नही लगते,
एक बार हम से कह दो तुम चले जाओ,

हमे तुम अच्छे नही लगते।


हमे आदत नही है हर एक पर मर मिटने की,
तुझ में बात ही कुछ ऐसी थी,

दिल ने मोहलत ही न दी कुछ सोचने की।


दिल से कब निकलता है दिल में बस जाने के बाद,
दर्द कितना होता है बिछड़ जाने के बाद,
जो पास होता है उसकी कदर नही होती है,

कदर होती है दूर जाने के बाद।


अगर तुम्हारे साथ कोई रिश्ता नही रखना चाहता,
तो उससे दूर हो जाओ, क्योंकि वक्त खुद सिखा देगा उसे कदर करना,

और तुम्हे सब्र करना।


दर्द है दिल में पर इसका एहसास नही होता है,
रोता है दिल जब वो पास नही होता है,
हम बर्बाद हो गये उसके प्यार में,

और वो कहते हैं, इस तरह से कभी प्यार नही होता है।


सांस थम जाती है पर जान नही जाती,
दर्द होता है पर आवाज नही आती,
अजीब लोग हैं इस जमाने में,

हम भूल नही पाते और किसी को याद नही आती।


यादो में किसी का दीदार नही होता है,
सिर्फ याद करना ही प्यार नही होता है,
यादों में किसी की हम भी तड़पतें हैं,

बस हमसे दर्द का इज़हार नही होता है।


बहुत से रिश्ते खत्म होने की ये भी वजह होती है,

एक सही से बोल नही पाता है और एक सही से समझ नही पाता है।


कभी ख़ुशी से ख़ुशी की तरफ नही देखा,
तेरे जाने के बाद किसी और को नही देखा,
तेरा इंतज़ार करना तो है लाज़िम,

इसलिए कभी हमने घड़ी की तरफ नही देखा।


सारे फासले मिटा कर तू हमसे प्यार रखना,
हमारा रिश्ता हमेशा बरकरार रखना,
अगर कभी इत्तेफाक से हम आपसे जुदा हो जाये,

तो कुछ पलों के लिए मेरा अपनी आँखों में इंतज़ार रखना।


वक्त नूर को बेनूर कर देता है,
छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,
कोन चाहता अपनी मोहब्बत से दूर रहना,

लेकिन वक्त सबको मजबूर कर देता है।


हमे दिल में बसाया था तो साथ निभाया क्यों नही,
जब नजरे मिलाई थी हमसे तो नजर में बसाया क्यों नही,
तूने तो हमसे जिंदगी भर साथ निभाने का वादा किया था,

तो छोड़ कर जाने से पहले एक बार बताया क्यों नही।


मेरे ख्यालो में सिर्फ तुम हो तुम्हे कैसे भुला दूँ,

इस दिल की धड़कन हो सिर्फ तुम, तुम्हे कैसे निकाल दूँ।


सच कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
और शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
हम कितनी शिद्दत से उन्हें याद करते है,

और एक वो हैं जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है।


अपनी मोहब्बत की बस इतनी कहानी है,

डूबी हुई कस्ती और ठहरा हुआ पानी है।


यूँ सजा न दे मुझे बेकसूर हूँ मैं,
अपना ले मुझे गमों से चूर हूँ मैं,
तू छोड़ गई हो गया मैं पागल,

और लोग कहते है बड़ा मगरूर हूँ मैं।


तेरा मेरा दिल का रिश्ता बड़ा अजीब है,

मीलों की हैं दूरियां लेकिन फिर भी धड़कन करीब है।


ख्वाइशें तमाम पिघलने लगी है,
फिर से एक और शाम ढलने लगी है,
उनसे मुलाकात के इंतज़ार में बैठे है,

अब ये जिद भी तो हद से गुजर ने लगी है।


कितनी दूर निकल आये हम इश्क निभाते निभाते,
खुद को खो दिया हमने उनको पाते पाते,
लोग कहते है दर्द बहुत है तेरी आँखों में,

और हम दर्द छुपाते रहे मुस्कुराते मुस्कुराते।


न जाने क्यों ये लहरे समंदर से टकराती है,
और फिर समंदर में लौट जाती है,
कुछ समझ नही पाते की किनारों से वेबफाई करती है,

या समंदर से वफ़ा निभाती है।


कभी गम तो कभी वेबफाई मार गई,
कभी उनकी याद आई तो जुदाई मार गई,
जिसको हमने बेइन्तहा मोहब्बत की,

आखिर में हमे उसी की वेबफाई मार गई।


मोहब्बत करने में औरत से कोई जीत नही सकता,

और नफरत करने में औरत को कोई हरा नही सकता है।


ज़ख्म तो आज भी ताज़ा है बस वो निशान चला गया,

इश्क तो आज भी बेपनाह है बस वो इंसान चला गया।


जिनके पास जिंदगी में देने के लिये मोहब्बत के सिवा कुछ नही होता है,

उन्हें जिंदगी में दर्द के सिवा कुछ नही मिलता है।


उम्मीद जिनसे थी वही तनहा कर गए,
आज के बाद किसी से नही कहेंगे की तू मेरा है।

दिल छोड़ कर और कुछ माँगा करो हमसे,
हम टूटी हुई चीज़ का तोहफा नही देते है।

आँखे हँसती हैं, मग़र दिल ये रोता है,
जिसे हम अपनी मंजिल समझे हैं,
उसका हमसफ़र कोई और ही होता है।

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