दो लाइन शायरी | Best Two Line Shayari in Hindi

दो लाइन शायरी (Two Line Shayari in Hindi) :

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दो लाइन शायरी | Best Two Line Shayari in Hindi :

क़ानून तो सिर्फ बुरे लोगों के लिए होता है,
अच्छे लोग तो शर्म से ही मर जाते हैं।

बेगाना हमने नहीं किया किसी को,
जिसका दिल भरता गया वो हमें छोड़ता गया।

पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं,
पलको को छूते ही सीधा दिल पे असर होता हैं।


तुम्हारी याद ऐसे महफूज़ है मेरे दिल मे,
जैसे किसी गरीब ने रकम रक्खी हो तिजोरी में।

वो कहते हैं हम जी लेंगे खुशी से तुम्हारे बिना,
हमें डर है वो टूटकर बिखर जायेंगे हमारे बिना।

जिसके लिए तोड़ दी मेंने सारी सरहदें,
आज उसी ने कह दिय ज़रा हद में रहा करो।

कुछ खास नही बस इतनी सी है मोहब्बत मेरी,
हर रात का आखरी खयाल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम।


तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे,
मैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे।


ए खुदा अगर तेरे पेन की श्याही खत्म है
तो मेरा लहू लेले, यू कहानिया अधूरी न लिखा कर।

जो इंसान आँसुओ का दर्द समझता है,
वो दुसरो को आँसु कभी नही देता।

ढूँढ ही लेता है मुझे किसी ना किसी बहाने से दर्द
वाकिफ़ हो गया है मेरे हर ठिकाने से।

इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग,
दिल की जगह जिस्म को चाहनें लगे हैं लोग।

ज़िन्दगी ये चाहती है कि ख़ुदकुशी कर लूँ,
मैं इस इन्तज़ार में हूँ कि कोई हादसा हो जाए।

तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता,
पता नहीं वजह तेरी खूबी है या मेरी कमी।

तुम दूर हो या पास फर्क किसे पड़ता है,
तू जँहा भी रहे तेरा दिल तो यँही रहता है।

सुनो ये बादल जब भी बरसता है,
मन तुझसे ही मिलने को तरसता है।

किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम,
चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।

क्यूँ हर बात में कोसते हो तुम लोग नसीब को,
क्या नसीब ने कहा था की मोहब्बत कर लो।

इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है,
लोग बहुत तकलीफ देते है, अक्सर अपना बना कर।

तेरे करीब आकर बडी उलझन में हूँ,
मैं गैरों में हूँ या तेरे अपनो में हूँ।

नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नही,
इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यों नही।


तुझसे अच्छे तो जख्म हैं मेरे,
उतनी ही तकलीफ देते हैं जितनी बर्दाश्त कर सकूँ।

सुना है के तुम रातों को देर तक जागते हो,
यादों के मारे हो या मोहब्बत में हारे हो।


तुम्हारा साथ तसल्ली से चाहिए मुझे,
जन्मों की थकान लम्हों में कहाँ उतरती है।


वो आज करती है, नज़र अंदाज़ तो बुरा न मान,
टूट कर चाहने वालों को रुलाना रिवाज है इस दुनिया का।

इत्तेफ़ाक़ से मिल जाते हो जब तुम राह में कभी,
युँ लगता है करीब से ज़िन्दगी जा रही हो जैसे।

मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग,
पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे।

चाहत देस से आनेवाले ये तो बता के सनम कैसे हैं,
दिलवालों की क्या हालत हैं, यार के मौसम कैसे हैं।

यूँ तो शिकायते आप से सैंकड़ों हैं मगर,
आप एक मुस्कान ही काफी है मनाने के लिये।

किसी के दिल में क्या छुपा है ये बस खुदा ही जानता है,
दिल अगर बेनकाब होता तो सोचो कितना फसाद होता।

मरहम लगा सको तो गरीब के जख्मो पर लगा देना
हकीम बहुत है बाजार में अमीरो के इलाज खातिर।


मैंने अपने ख्वाहिशो को दिवार में चुनवा दिया,
खामखाँ जिंदगी में अनारकली बनके नाच रही थी।

सीख जाओ वक्त पर किसी की चाहत की कदर करना,
कहीं कोई थक ना जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते।

मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर थक गया हूँ ऐ खुदा,
किस्मत मेँ कोई ऐसा लिख दे, जो मौत तक वफा करे।

एक अज़ीब सा रिश्ता है मेरे और ख्वाहिशों के दरम्यां,
वो मुझे जीने नही देती और मै उन्हे मरने नही देता।

ना प्यार कम हुआ है ना ही प्यार का अहेसास,
बस उसके बिना जिन्दगी काटने की आदत हो गई है।

ये लकीरें, ये नसीब, ये किस्मत सब फ़रेब के आईनें हैं,

हाथों में तेरा हाथ होने से ही मुकम्मल ज़िंदगी के मायने हैं।


जिस चीज़ पे तू हाथ रख दे वो चीज़ तेरी हो,
और जिस से तू प्यार करे वो तक़दीर मेरी हो।


बुरा वक्त भी कमाल का होता है जनाब,
जी जी कहने वाले भी तू तू कहने लगते है।


याद रखना भी बहुत हिम्मत का काम है,
क्योंकि किसी को भुला देना आजकल बहुत आम है।


दो शब्द तसल्ली के नहीं मिलते इस शहर में,
लोग दिल में भी दिमाग लिए घूमते हैं।

मिटातीं है, किसी को बनातीं है, किसी को,
मोहोब्बतें भी आजकल की सियासी हो गयीं हैं।

हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं,
क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा।

तेरे इंतज़ार में मेरा बिख़रना इश्क है,
और तेरी मुलाक़ात पे निख़रना इश्क है।

तेरी यादों ने मुझे क्या खूब मशरूफ किया है ऐ सनम,
द से मुलाकात के लिए भी वक़्त मुकर्रर करना पड़ता है।

उँगलियाँ मेरी वफ़ा पर तो ना उठाओ,
जिसे हो शक़ वो मुझसे निभाकर देखे।

भले आपके पीछे 10 लड़कियां पड़ जाएँ लेकिन,
आपको प्यार उसी से होगा जिसे आपकी कदर नहीं होगी।


एहसासों की नमी बेहद ज़रूरी है हर रिश्ते में,
रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है।

मौहब्बत की मिसाल में, बस इतना ही कहूँगा,
बेमिसाल सज़ा है, किसी बेगुनाह के लिए।

छोड़ दिया हमने तेरे ख्यालों में जीना ,
अब हम लोगों से नहीं , लोग हमसे मोहब्बत करते हैं।


सीख नहीं पा रहा हूँ, मीठे झूठ बोलने का हुनर,
कड़वे सच ने मुझसे ना जाने कितने लोग छीन लिए है।


इतनी सी बात थी जो समन्दर को खल गई,
का़ग़ज़ की नाव कैसे भँवर से निकल गई।

कोई तराजू नहीं होता, रिश्तो को तोलने के लिए,
परवाह बताती है की ख्याल का पलड़ा कितना भारी है।

नजरों में दोस्तों की जो इतना खराब है,
उसका कसूर ये है कि वो कामयाब है।


तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा,
हम चाहते ही क्या थे तुमसे तुम्हारे सिवा।

गलतियां भी होंगी और गलत भी समझा जायेगा,
यह जिंदगी है जनाब, यहाँ तारीफे भी होंगी और कोसा भी जायेगा।

अगर फुर्सत के लम्हों में मुझे याद करते हो तो अब मत करना,
क्योंकि मैं तन्हा जरूर हूँ, मगर फ़िज़ूल बिलकुल नहीं।

गर वफ़ाओं में सदाक़त भी हो और शिद्दत भी,
फिर तो एहसास से पत्थर भी पिघल जाते हैं।



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